हत्यारोपी को बचाने में दरोगा सस्पेंड, इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, जाने क्या था पुलिस का खेल । बरेली बदायूं। गाजियाबाद के चर्चित हत्या कांड के इनामी आरोपित को कानून की पकड़ से बचाने के आरोप में बदायूं पुलिस पर बड़ी कार्रवाई हुई है। बिनावर थाने में कथित साठगांठ के खुलासे के बाद हत्यारोपित को हल्की धाराओं

हत्यारोपी को बचाने में दरोगा सस्पेंड, इंस्पेक्टर लाइन हाजिर, जाने क्या था पुलिस का खेल ।
बरेली बदायूं। गाजियाबाद के चर्चित हत्या कांड के इनामी आरोपित को कानून की पकड़ से बचाने के आरोप में बदायूं पुलिस पर बड़ी कार्रवाई हुई है। बिनावर थाने में कथित साठगांठ के खुलासे के बाद हत्यारोपित को हल्की धाराओं में जेल भेजने वाले दारोगा बलवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया, जबकि पर्यवेक्षण में लापरवाही पाए जाने पर इंस्पेक्टर अरिहंत सिद्धार्थ को हटाकर पुलिस लाइंस भेज दिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पूरे मामले की जांच में सामने आया कि गाजियाबाद से फरार इनामी हत्यारोपित सोनू को मुठभेड़ जैसी सख्त कार्रवाई से बचाने के लिए करीब 15 लाख रुपये की ‘सेटिंग’ का प्रस्ताव तैयार किया गया था। चर्चा है कि यह प्रस्ताव जिले के चार थानों तक पहुंचा, लेकिन बात नहीं बनी। आखिरकार बिनावर थाने में तैनात दारोगा बलवीर सिंह ने कथित तौर पर आरोपित को बचाने की योजना बनाई और उसे अवैध तमंचा रखने के मुकदमे में गिरफ्तार दिखाकर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
12 जुलाई की हत्या के बाद बदायूं पहुंचा था आरोपित बताया गया कि 12 जुलाई को गाजियाबाद में हार्न बजाने के विवाद में बाइक सवार विपिन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद फरार हुआ मुख्य आरोपित सोनू बदायूं पहुंच गया। आरोप है कि उसने यहां तैनात अपने रिश्तेदार दारोगा, जो उसका मामा बताया जा रहा है, से संपर्क किया। पहले कई थानों में बात हुई, लेकिन अंततः बिनावर थाने में तैनात दारोगा बलवीर सिंह ने उसे बचाने की रणनीति तैयार कर ली।
फर्जी नाम-पते से जेल भेजने का आरोप जांच के अनुसार, 23 जुलाई को सोनू को अवैध तमंचा रखने के आरोप में गिरफ्तार दिखाया गया। पुलिस ने उसे कथित तौर पर फर्जी नाम और पते के साथ कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इसी दौरान जब गाजियाबाद पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस करते हुए बदायूं पहुंची तो खुलासा हुआ कि आरोपित पहले ही दूसरे नाम से जेल भेजा जा चुका है।
एडीजी तक पहुंचा मामला, जांच में खुली मिलीभगत मामले की जानकारी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर तक पहुंचने के बाद उच्चस्तरीय जांच बैठाई गई। शुक्रवार को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर ने भी बदायूं की एसएसपी अंकिता शर्मा को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। इसके बाद एसएसपी ने एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह से जांच कराई। प्रारंभिक जांच में दारोगा बलवीर सिंह की भूमिका संदिग्ध मिलने और कथित मिलीभगत सामने आने पर उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया, जबकि इंस्पेक्टर अरिहंत सिद्धार्थ को भी पद से हटाकर पुलिस लाइंस भेज दिया गया।
अब इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें

फर्जी फर्म और कूटरचित बिलों से जीएसटी लाभ लेने वाला आरोपी गिरफ्तार। बरेली। फर्जी फर्म और कूटरचित बिलों के माध्यम से जीएसटी का अनुचित लाभ लेने के मामले में आंवला पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मोटोरोला कंपनी का एक मोबाइल फोन और पैन कार्ड की छायाप्रति बरामद की ह

बेटी जिस्मानी रिश्ता बनाकर करती थी रिकॉर्ड, पिता करता था पैसों की वसूली, बस्ती में SO की मौत के बाद बेटी-पिता के इस गंदे खेल का हुआ पर्दाफाश बस्ती जिले में रिश्तों की आड़ में रची गई एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हुआ है. जिस खाकी पर इलाके में सुरक्षा का जिम्मा था, वही खाकी इस बार ब्लैकमेलिंग के एक शात

